आँखें।।

वो आँखें उनकी, मुझे बड़ा हैरान करती थी। बयां करती थी सबकुछ, याफिर कोई दर्द छुपाया करती थी। वो आँखें उनकी, मुझे बड़ा हैरान करती थी। Advertisements

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रात !

मैं रात का इंतज़ार करता था, तुझसे ख्वाबों में मिलने के लिए। तेरे साथ अपने दिल की, हसीं कहानियां बुनने के लिए। मेरे अँधेरे, खामोश कमरे में भी मैं तनहा ना था। तेरी यादों ने हर तरफ, मुझे घेर जो रखा था। अब तो नींदों में भी मैं मुस्कुराने लगा हूँ। मन ही मन ना […]

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मज़ा क्या है?

यहाँ सबकी आने की एक वजह है, यहाँ हर किसी की अपनी एक जगह है। अगर ज़मीं ना हो तो आसमां देखने में, मज़ा क्या है।। अगर मुश्किलें ना हो तो सफलता पाने में, मज़ा कया है।। वो रात का अँधेरा ना हो, तो दिन का उजाला कैसे भाएगा। ज़िन्दगी में बिना उतार – चढ़ाव […]

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कौन हूँ मैं !

किसी के लिए मैं लक्ष्मी हूँ, किसी के कंधों पर बोझ हूँ मैं। भाई ही मेरी रक्षा करेगा, ऐसे त्योहारो का हिस्सा हूँ मैं। नाज़ुक हूँ और कमज़ोर भी, ये मानने के लिए मजबूर हूँ मैं। घर के कामों से नापा जाता है जिसका हुनर, उन बुज़ुर्गो की सोच हूँ मैं। धीमी आवाज़, रंग रूप […]

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मेरा मन!

ये जो मेरा मन है, क्या चाहता है पता नहीं। कभी कहता है खुद पर भरोसा रख, कभी कहता है टूट कर बिखर। कभी कहता है बन जा नादान, कभी कहता है समझदार बन। झोंक दे खुद को, मौके बार बार ना आएँगे। डर मत, रास्ते नए खुल जाएंगे।। खुल कर मज़े ले ज़िन्दगी के, […]

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वो दिन!

वो दिन थे मस्ती भरे, वो राते मज़्ज़ेदार थी। स्कूल की वो छुट्टी जब नींद आती ज़ोरदार थी। शाम का इंतज़ार ये नज़रें करती हरबार थी। दोस्तों के साथ वो मस्ती, वो ख़ुशी चिंता करने के लिए कोई होती नही बात थी। छत्त पर बैठकर ठंडी हवा को महसूस करना, घंटो तक बादलों में चेहरे […]

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