मेरा मन!

ये जो मेरा मन है, क्या चाहता है पता नहीं। कभी कहता है खुद पर भरोसा रख, कभी कहता है टूट कर बिखर। कभी कहता है बन जा नादान, कभी कहता है समझदार बन। झोंक दे खुद को, मौके बार बार ना आएँगे। डर मत, रास्ते नए खुल जाएंगे।। खुल कर मज़े ले ज़िन्दगी के, […]

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