रात !

मैं रात का इंतज़ार करता था, तुझसे ख्वाबों में मिलने के लिए। तेरे साथ अपने दिल की, हसीं कहानियां बुनने के लिए। मेरे अँधेरे, खामोश कमरे में भी मैं तनहा ना था। तेरी यादों ने हर तरफ, मुझे घेर जो रखा था। अब तो नींदों में भी मैं मुस्कुराने लगा हूँ। मन ही मन ना […]

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मज़ा क्या है?

यहाँ सबकी आने की एक वजह है, यहाँ हर किसी की अपनी एक जगह है। अगर ज़मीं ना हो तो आसमां देखने में, मज़ा क्या है।। अगर मुश्किलें ना हो तो सफलता पाने में, मज़ा कया है।। वो रात का अँधेरा ना हो, तो दिन का उजाला कैसे भाएगा। ज़िन्दगी में बिना उतार – चढ़ाव […]

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